गर्मी और संक्रामक रोगों से निपटने के लिए तैयार हो एक्शन प्लान, अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई के निर्देश

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सलूम्बर, 8 अप्रैल। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त और प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गया है।
बुधवार को जिला कलेक्टर मोहम्मद जुनैद पी.पी. की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की गई और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि आमजन के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. दिनेश रॉय सापेला, उपखंड अधिकारी सलूम्बर जगदीश चंद्र बामनिया, सराड़ा की आकांक्षा दुबे और सेमारी के सुरेश कुमार बलाई सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने मौसमी और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम, अस्पतालों में संसाधनों की उपलब्धता, दवाइयों के स्टॉक और चिकित्सकीय स्टाफ की उपस्थिति पर विस्तार से समीक्षा की।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी उपखंड अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी करें और किसी भी स्तर पर ढिलाई सामने आने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने विशेष रूप से गर्मी के मौसम में बढ़ते हीट स्ट्रोक, डायरिया और जलजनित रोगों को लेकर सतर्क रहने के निर्देश देते हुए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर उसे जमीन पर उतारने को कहा।
सभी चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक दवाइयों, आईवी फ्लूड्स और उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट्स का संचालन तेज करने पर जोर दिया गया।
बैठक में अवैध क्लीनिकों और मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ नियमित जांच अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए, ताकि आमजन को सुरक्षित और मानक उपचार मिल सके। कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. सापेला ने विभिन्न विभागों के कार्मिकों को लगातार सर्वे करने के निर्देश दिए और कहा कि सर्वे टीमों के पास जरूरी स्वास्थ्य उपकरण होना अनिवार्य है। साथ ही हाई रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों की सूची बनाकर उनकी सतत मॉनिटरिंग करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर अब किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।

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