सलूम्बर, 8 अप्रैल। प्रदेश में राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाने की दिशा में बुधवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में राज्यभर के लंबित राजस्व प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई और सुधार के लिए ठोस रणनीति तय की गई।
बैठक के दौरान अजमेर स्थित रिवेन्यू बोर्ड द्वारा प्रस्तुत प्रेजेंटेशन के माध्यम से लंबित मामलों की स्थिति, उनके निस्तारण की गति और अपनाए जा रहे नवाचारों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें आरआरसीएमएस पोर्टल, प्रशिक्षण कार्यक्रम, रिव्यू कमेटियों का गठन तथा नोटिस तामील और मिसल अभियान जैसे प्रयासों को प्रमुखता से रखा गया।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि राजस्व मामलों में देरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाया जाए। साथ ही, प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि राजस्व न्यायालयों में ई-कोर्ट प्रणाली को मजबूत करते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। ई-फाइलिंग और ऑनलाइन सुनवाई को बढ़ावा देकर प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया जाएगा, ताकि आमजन को समय पर राहत मिल सके।
अनावश्यक स्थगन पर रोक लगाने और सुनवाई को तय समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियमित जनसुनवाई आयोजित करने तथा आदेशों को स्पष्ट और सार्वजनिक करने पर बल दिया गया।
क्षमता निर्माण को भी प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई, ताकि कार्यक्षमता में सुधार हो सके और निर्णय गुणवत्तापूर्ण हों।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में साप्ताहिक और मासिक स्तर पर प्रगति की समीक्षा कर रिपोर्ट राज्य स्तर पर भेजी जाए। तकनीकी नवाचारों को अपनाकर पूरी प्रक्रिया को आधुनिक और जनहितकारी बनाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के बाद जिला कलेक्टर ने स्थानीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व प्रकरणों के निस्तारण में तेजी लाई जाए और शासन के निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने उपखंड अधिकारियों और तहसीलदारों को नियमित मॉनिटरिंग करते हुए गुणवत्तापूर्ण निर्णय देने के लिए भी निर्देशित किया।
बैठक में संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, अतिरिक्त कलेक्टर, उपखंड अधिकारी सहित राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।