“पन्नाधाय सप्ताह: बालिकाओं को मिला सुरक्षा, कानून और डिजिटल सतर्कता का संबल”

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सलूंबर, 8 अप्रैल। जिले में बालिकाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर चल रहे “पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान जागरूकता सप्ताह” के तृतीय दिवस पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को न केवल उनकी सुरक्षा के प्रति सजग बनाना था, बल्कि उन्हें कानूनी अधिकारों और डिजिटल दुनिया के जोखिमों से भी अवगत कराना रहा।
महिला अधिकारिता विभाग के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बालिकाओं को उनके अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। कानूनी परामर्शदाता सपना मीणा ने विभिन्न सुरक्षा कानूनों की जानकारी देते हुए बताया कि बालिकाओं को शोषण, हिंसा और भेदभाव से बचाने के लिए कड़े प्रावधान मौजूद हैं। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अनुचित घटना होने पर तुरंत संबंधित विभाग या अधिकारियों को सूचना दें।
कार्यक्रम के दौरान डिजिटल सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। पन्नाधाय केन्द्र से जुड़े भरत पछोला ने साइबर अपराधों से बचाव के आसान उपाय साझा किए। उन्होंने छात्राओं को सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग, निजी जानकारी को सुरक्षित रखने, मजबूत पासवर्ड बनाने और संदिग्ध लिंक या कॉल से दूरी बनाए रखने की सलाह दी।
साथ ही, बालिकाओं को आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबरों—1098, 1090 और 181—की जानकारी भी दी गई, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।
इस अवसर पर भंवर लाल मीणा, दीपिका चौधरी, अमीषा पटेल सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने मिलकर बालिकाओं की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

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