450 वर्षों की परंपरा से जुड़ा रनेला धाम, प्राण प्रतिष्ठा में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़

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सलूंबर। मेवाड़ की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुके रनेला स्थित श्री कृष्णा कल्याण मुख्य शक्तिपीठ धाम में तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 10 मई से शुरू हुए इस आयोजन में प्रदेशभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कल्लाजी महाराज का रनेला धाम से विशेष संबंध रहा है। लोक कथाओं में वर्णित है कि चित्तौड़ के तीसरे साके के बाद कल्लाजी महाराज कमधज रूप में रनेला पहुंचे थे। उनकी स्मृति और आस्था से जुड़ा यह धाम आज भी भक्तों के लिए विश्वास का बड़ा केंद्र बना हुआ है।
महोत्सव के पहले दिन वैदिक विधि-विधान से हेमाद्री स्नान, प्रायश्चित कर्म और शतचंडी पाठ का आयोजन किया गया। दूसरे दिन भव्य कलश यात्रा और जलाधिवास कार्यक्रम होंगे, जबकि अंतिम दिन शुभ मुहूर्त में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई जाएगी।
आयोजन समिति के अनुसार महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। रात्रिकालीन भजन संध्या में प्रसिद्ध भजन कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से भक्तों को भावविभोर करेंगे।
इस धार्मिक आयोजन को लेकर प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर भी विशेष तैयारियां की गई हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा, पेयजल और यातायात व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है।
रनेला ग्रामवासियों और श्रद्धालुओं का कहना है कि यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और परंपरा का प्रतीक भी है। आयोजन का सीधा प्रसारण विभिन्न स्थानीय स्टूडियो और डिजिटल माध्यमों से भी किया जाएगा, जिससे दूर-दराज के श्रद्धालु भी इस ऐतिहासिक क्षण से जुड़ सकेंगे।

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