जयपुर में विधिक मंथन, नए कानूनों पर हुआ गहन चिंतन लोक अभियोजकों की कार्यशाला में साइबर अपराध, दिव्यांग अधिकार और आपराधिक कानूनों पर विशेष फोकस

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जयपुर। राजधानी जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में रविवार को विधि एवं विधिक कार्य विभाग, राजस्थान सरकार की ओर से लोक अभियोजकों एवं विशेष लोक अभियोजकों के लिए राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई।
बदलते कानूनी परिदृश्य और न्यायिक व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला में नए आपराधिक कानून, साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियां तथा दिव्यांगजन अधिकारों से जुड़े विधिक प्रावधानों पर विस्तार से मंथन हुआ।
कार्यक्रम में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश गुप्ता, विधि मंत्री जोगाराम पटेल, महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद तथा डीजीपी राजीव शर्मा सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि तकनीक और अपराध के बदलते स्वरूप को देखते हुए अभियोजन अधिकारियों का लगातार प्रशिक्षण बेहद आवश्यक हो गया है।
कार्यशाला के दौरान न्याय व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और प्रभावशाली बनाने के लिए विभिन्न कानूनी पहलुओं पर विशेषज्ञों ने विस्तार से जानकारी दी। साइबर अपराधों के मामलों में साक्ष्यों के संरक्षण, नए आपराधिक कानूनों के व्यवहारिक उपयोग तथा दिव्यांगजन से जुड़े मामलों में संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में सलूम्बर जिले की ओर से जिला लोक अभियोजक रणजीत पुर्बिया एवं अपर लोक अभियोजक नाहर सिंह चुण्डावत ने भागीदारी निभाई। दोनों अधिकारियों ने कार्यशाला को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे अभियोजन कार्य में नवीन कानूनी प्रावधानों की बेहतर समझ विकसित होगी।
कार्यक्रम की एक खास चर्चा विधि मंत्री जोगाराम पटेल के संबोधन को लेकर भी रही। उन्होंने अपने भाषण के दौरान कई बार सलूम्बर जिले का उल्लेख किया, जिसके बाद प्रतिभागियों के बीच यह चर्चा तेज रही कि आने वाले समय में जिले को विधिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र में विशेष प्राथमिकता मिल सकती है।

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