झल्लारा: 152 स्कूलों के संस्था प्रधानों की ऐतिहासिक संगोष्ठी, शैक्षिक लीडर बनने का लिया संकल्प

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

शेषपुर त्रिमूर्ति, झल्लारा। संस्था प्रधान वाक्पीठ झल्लारा के तत्वावधान में जैन मंदिर परिसर, शेषपुर त्रिमूर्ति में सत्रारंभ वाक्पीठ संगोष्ठी-2026 का भव्य शुभारंभ रविवार को हुआ। संगोष्ठी में झल्लारा ब्लॉक के कुल 152 राजकीय विद्यालयों के संस्था प्रधानों ने भाग लिया।

उद्घाटन सत्र में अतिथियों का जमावड़ा

संगोष्ठी की अध्यक्षता मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नगेंद्र मेहता ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा मंडल अध्यक्ष हितेश जोशी विशिष्ट अतिथि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष हिमांशु भट्ट , राकेश त्रिपाठी आर पी मुख्य ब्लॉक शिक्षा कार्यालय झल्लारा वार्ताकार गोविंद सिंह शक्तावत प्रधानाचार्य MGSSS खोलड़ी वाक्पीठ माध्यमिक सचिव भगवती लाल शर्मा प्रधानाचार्य रा बा उ मा वि भबराना पी टी आई संघ के अध्यक्ष केशर सिंह,पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष कन्हैया लाल सरवार वाक्पीठ अध्यक्ष गणेश लाल जैन, वाक्पीठ सचिव एवं अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ ब्लॉक झल्लारा के मंत्री दिनेश कुमार चौबीसा मंचासीन पर रहे।
वाक्पीठ सचिव दिनेश चौबीसा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस संगोष्ठी में ब्लॉक के 36 उच्च प्राथमिक एवं 116 प्राथमिक विद्यालय, कुल 152 विद्यालयों के संस्था प्रधान भाग ले रहे हैं। यह झल्लारा की शिक्षा के लिए ऐतिहासिक क्षण है जब सभी विद्यालयों के मुखिया एक मंच पर नए सत्र 2026-27 की शैक्षणिक कार्ययोजना बनाने के लिए एकत्रित हुए हैं।

सत्रों मेंइन महत्वपूर्ण विषयों पर हुई चर्चा

11 मई को संगोष्ठी के सत्र में बालिका शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर रेखा त्रिवेदी साहब, रा.उ.प्रा.वि. बोरी ने नई दृष्टि दी। अध्यक्ष नगेंद्र मेहता साहब ने प्रशासनिक कार्यों पर मार्गदर्शन दिया। प्रधानाचार्य गोविंद सिंह शक्तावत साहब ने ‘प्रवेशोत्सव एवं संस्था प्रधान की भूमिका’ पर नामांकन वृद्धि के लिए प्रेरित किया। बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए प्रधानाध्यापक नारायण लाल सुथार साहब ने TLM सामग्री के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की।
वाक्पीठ के इस मंच पर प्रधानाचार्य भगवती लाल शर्मा साहब ने पत्र वाचन के साथ कक्षा 1 से 8 तक की पुस्तक समीक्षा के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। RP राकेश त्रिपाठी साहब ने प्रश्न मंच के माध्यम से जमीनी कठिनाइयों का समाधान सुझाया।
*’प्रशासक नहीं, शैक्षिक लीडर बनें’ – सचिव का आह्वान*
सचिव ने सभी 152 संस्था प्रधानों से आह्वान किया कि वे केवल प्रशासक बनकर न रहें, बल्कि ‘शैक्षिक लीडर’ बनकर अपने विद्यालय को नई दिशा दें। स्मार्ट क्लासरूम, बाल-केंद्रित शिक्षा और भामाशाह सहयोग से विद्यालयों को संसाधन सम्पन्न बनाने पर जोर दिया गया।
संगोष्ठी का कुशल संचालन श्री सुनील नरसवात एवं सहयोगी मनोहर दास वैष्णव ने किया। वाक्पीठ कार्यकारिणी ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही

रिपोर्टर नाथू लाल सालवी

और पढ़ें

error: Content is protected !!