सलूम्बर, 10 जून। महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और उन्हें सामाजिक व आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय स्थित पंचायत समिति सभागार में बुधवार को जिला स्तरीय नारी चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर से पहुंचीं साथिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा सहयोगिनियों, राजीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं एवं ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मुख्य अतिथि जिला कलक्टर मोहम्मद जुनैद पी.पी. ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने महिलाओं से शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में शिक्षा विभाग की ओर से महिलाओं एवं बालिकाओं की शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला गया। साथ ही महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने मुख्यमंत्री कन्यादान एवं पालनहार जैसी योजनाओं की पात्रता और लाभों की जानकारी देकर महिलाओं को सरकारी सहायता से जोड़ने का प्रयास किया।
महिला अधिकारिता विभाग ने लाड़ो प्रोत्साहन योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर एवं सामूहिक विवाह अनुदान योजना सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण और गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच के महत्व पर जागरूक किया। वहीं पुलिस विभाग ने महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और सहायता सेवाओं की जानकारी देकर महिलाओं को सजग रहने का संदेश दिया।
कृषि विभाग ने खेती-किसानी में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करने वाली योजनाओं का परिचय कराया। इसके अलावा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों ने भी महिलाओं के लिए उपलब्ध सेवाओं एवं सहायता संसाधनों की जानकारी दी।
नारी चौपाल के दौरान लाड़ो प्रोत्साहन योजना की लाभार्थी बालिकाओं को बेबी किट और आर्थिक सहायता के चेक प्रदान किए गए। वहीं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के पात्र लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। कई महिलाओं ने मंच से अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भरता, अधिकार जागरूकता और निर्णय क्षमता के प्रति प्रेरित किया गया। आयोजन ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रशासन और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों को नई मजबूती प्रदान की।