सलूम्बर। ग्रामीण सेवा शिविर अब जरूरतमंदों के लिए राहत और समाधान का प्रभावी मंच बनते जा रहे हैं। ग्राम पंचायत मातासुला में आयोजित शिविर के दौरान प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्यशैली की मिसाल देखने को मिली, जब एक बुजुर्ग महिला की सामाजिक सुरक्षा पेंशन उसी दिन स्वीकृत कर पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) जारी कर दिया गया।
डामोरफला निवासी देवली देवी लंबे समय से सामाजिक सुरक्षा पेंशन की पात्रता रखती थीं। शिविर में पहुंचकर उन्होंने पेंशन के लिए आवेदन किया। अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए दस्तावेजों की जांच और पात्रता सत्यापन की प्रक्रिया मौके पर ही पूरी कर ली। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पेंशन स्वीकृत कर दी गई और लाभार्थी को उसी दिन पीपीओ भी सौंप दिया गया।
अचानक मिली इस राहत से देवली देवी के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। शिविरों में ही अधिकांश समस्याओं का समाधान हो रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण सेवा शिविरों का उद्देश्य आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है। पात्रता जांच, दस्तावेज सत्यापन और योजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाकर लोगों को समयबद्ध लाभ पहुंचाया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित ये शिविर सुशासन और जनसेवा की भावना को मजबूत करते हुए लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। मातासुला शिविर में हुई यह त्वरित कार्रवाई प्रशासन की जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण बन गई।