70 साल पुराने विवाद का अंत: ग्रामीण सेवा शिविर में तीन पीढ़ियों को मिला न्याय घर-परिवार में लौटी खुशियां, प्रशासन की पहल से एक ही दिन में पूरा हुआ भूमि बंटवारे का काम

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सलूम्बर, 30 जून। कई दशक से चला आ रहा एक पारिवारिक भूमि विवाद आखिरकार ग्रामीण सेवा शिविर में समाप्त हो गया। ग्राम पंचायत बरोड़ा में आयोजित शिविर ने एक ऐसे परिवार को राहत दी, जो तीन पीढ़ियों से बंटवारे के विवाद में उलझा हुआ था। वर्षों से अटकी राजस्व प्रक्रिया प्रशासन की सक्रियता और परिवार की आपसी सहमति से कुछ ही घंटों में पूरी हो गई।
ग्राम जोशीपुरा के एक परिवार में कृषि भूमि के बंटवारे को लेकर लंबे समय से मतभेद बने हुए थे। मामला इतना पुराना था कि परिवार की नई पीढ़ी भी इसी विवाद के बीच बड़ी हुई। कई बार प्रयास हुए, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका।
ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान राजस्व अधिकारियों ने सभी पक्षों को एक साथ बैठाकर बातचीत कराई। समझाइश और सकारात्मक माहौल के चलते परिवार के सभी सदस्य आपसी सहमति पर पहुंच गए। सहमति बनते ही राजस्व टीम ने मौके पर आवश्यक दस्तावेज तैयार कर पूरी प्रक्रिया पूरी कर दी।
शिविर में मौजूद विधायक ने लाभार्थियों को बंटवारे के आदेश सौंपे तो परिवार के सदस्यों के चेहरे पर वर्षों बाद सुकून और खुशी दिखाई दी। उन्होंने कहा कि जिस काम के लिए वर्षों तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े, वह काम ग्रामीण सेवा शिविर में आसानी से पूरा हो गया।
जिले में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर अब केवल सरकारी योजनाओं के लाभ तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वर्षों से लंबित राजस्व और पारिवारिक विवादों के समाधान का भी प्रभावी मंच बनते जा रहे हैं। बरोड़ा शिविर की यह सफलता प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली और त्वरित समाधान की दिशा में एक उल्लेखनीय उदाहरण मानी जा रही है।

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