सलूम्बर, 1 जुलाई। ग्रामीण सेवा शिविर जरूरतमंद लोगों के लिए राहत का माध्यम बनते जा रहे हैं। सेमारी तहसील की ग्राम पंचायत चंद्रोड़ा में आयोजित शिविर के दौरान वर्षों से आवासीय भूमि के अभाव में जीवन यापन कर रहे कालबेलिया समाज के दो परिवारों की समस्या का समाधान कर प्रशासन ने उन्हें स्थायी आशियाने की नई उम्मीद दी है।
शिविर के दौरान जब परिवारों ने आवासीय भूमि नहीं होने की पीड़ा प्रशासन के सामने रखी तो अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। शिविर प्रभारी एवं उपखंड अधिकारी सर्वेश्वर निम्बार्क के निर्देश पर तहसीलदार डूंगरलाल प्रजापत ने आवश्यक राजस्व प्रक्रिया पूरी कर आबादी विस्तार का प्रस्ताव तैयार कराया। इसके बाद राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम की धारा 92 के तहत आदेश जारी कर संबंधित ग्राम पंचायत को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया।
प्रशासन की इस पहल से दोनों परिवारों के लिए आवासीय पट्टा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से स्थायी निवास की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों में इस निर्णय से खुशी का माहौल है। उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए इसे उनके जीवन में बड़ा बदलाव बताया।
ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से प्रशासन लगातार ऐसे मामलों का मौके पर समाधान कर रहा है, जिनमें वर्षों से लोग विभिन्न कारणों से राहत नहीं पा सके थे। चंद्रोड़ा का यह मामला भी इस बात का उदाहरण है कि संवेदनशील प्रशासनिक पहल से समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।