माटीकला एक संपूर्ण कला है, इसकी संभावनाएं तराशें: श्री टाक

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प्रतापगढ़। श्रीयादे माटीकला बोर्ड, राजस्थान सरकार द्वारा माटीकला कामगारों/दस्तकारों हेतु जागरूकता शिविर का आयोजन बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद राय टाक के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। टाक ने कहा कि पारंपरिक कला एवं शिल्प को प्रोत्साहन मिले। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर बजट घोषणा का धरातल पर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें  टाक ने कहा कि माटीकला केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने ब्लू पॉटरी, पोकरण पॉटरी और मोलेला टेराकोटा जैसी कलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पारंपरिक कलाओं को नवाचारों के साथ जोड़कर राज्य स्तर तक पहुँचाया जा सकता है उन्होंने कामगारों से अपील की कि वे पात्रता अनुसार मुख्यमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत आवेदन करें और आर्टिजन कार्ड अवश्य बनवाएं ताकि लाभ उन्हें मिल सके।जनसंवाद और जमीनी क्रियान्वयन है राज्य सरकार की प्राथमिकता जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी ने भी विश्वकर्मा योजना सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में नगर परिषद सभापति रामकन्या गुर्जर, जिलाध्यक्ष महावीर कृष्णावत, महामंत्री नरेंद्र गिरी गोस्वामी, जनप्रतिनिधि दलपत कुमार मीणा, रवि जोशी, समाजसेवी हीरालाल प्रजापत, भगवत सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर विजयेश कुमार पंड्या, तहसीलदार उज्जवल जैन सहित अन्य अधिकारी, डीआईसी से सुखलाल जनप्रतिनिधि और माटीकला से जुड़े दस्तकार उपस्थित रहे।

रिपोर्टर चन्द्रशेखर मेहता

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