बेहतरीन हैडलाइन विकल्प (आप चाहें तो इनमें से एक चुन सकते हैं “सलुम्बर में बेटियों की पढ़ाई को गर्मजोशी का सहारा: 923 बालिकाओं को शीतकालीन सामग्री वितरित”

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सलुम्बर में बालिका शिक्षा को मिला सशक्त समर्थन, 923 बालिकाओं को शीतकालीन सामग्री वितरित सलुम्बर | 30 दिसंबर 2025
आईआईएफएल फाउंडेशन एवं गायत्री सेवा संस्थान, उदयपुर द्वारा संयुक्त रूप से संचालित बालिका शिक्षा कार्यक्रम “सखियों की बाड़ी” के तहत सलुम्बर ब्लॉक के 31 केंद्रों पर अध्ययनरत 923 बालिकाओं को निःशुल्क स्वेटर, जूते एवं मोज़े वितरित किए गए। यह पहल शीतकाल के दौरान बालिकाओं की नियमित विद्यालय उपस्थिति सुनिश्चित करने और शिक्षा से उनके जुड़ाव को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झल्लारा पुलिस थाना अधिकारी जय किशन फुलवारिया ने कहा कि बालिका शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मनिर्भरता और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव है। शिक्षा के माध्यम से बालिकाएं अपने अधिकारों को पहचानती हैं, निर्णय लेने में सक्षम बनती हैं और समाज के सर्वांगीण विकास में सक्रिय भागीदारी निभाती हैं। उन्होंने कहा कि “सखियों की बाड़ी” जैसे कार्यक्रम बालिकाओं को सुरक्षित, सहयोगी और प्रेरक वातावरण प्रदान कर विद्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति को कम कर रहे हैं।
कार्यक्रम में झल्लारा प्रधान धूलिराम मीणा, चिबोड़ा ग्राम पंचायत सरपंच नारा भाई मीणा, एएनएम टाकू मीणा, सीएचओ हेमलता डामोर, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भटवाड़ा के प्रधानाचार्य यशवंत मेहता, आशा सहयोगिनी संगीता जैन एवं मेवल मंडल महामंत्री लालूराम पटेल की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों के कर-कमलों से बालिकाओं को सामग्री वितरित की गई।
इस अवसर पर ब्लॉक समन्वयक रमेश चौबीसा ने बालिका शिक्षा के महत्व, बालिकाओं के अधिकारों तथा सामुदायिक सहभागिता की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं स्थानीय नागरिकों, साथिनों एवं अभिभावकों ने बालिकाओं के हित में किए गए इस सराहनीय प्रयास के लिए आईआईएफएल फाउंडेशन के निदेशक मधु जैन एवं गायत्री सेवा संस्थान के निदेशक शैलेन्द्र पंडया के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में क्लस्टर हेड दौलत राम मीणा, दिलीप मीणा, दक्षा सुमेर सिंह, देवीलाल मीणा, चौपाल सदस्य, केंद्र से जुड़ी साथिनें, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। समुदाय ने विश्वास जताया कि ऐसे प्रयास बालिकाओं को शिक्षा से जोड़े रखने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

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