सलूम्बर जिले में जैसमंद मंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन को और अधिक मजबूत करने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम परिवर्तन तथा उसके मूल स्वरूप के साथ सरकार द्वारा की गई छेड़छाड़ पर सभी पदाधिकारियों ने कड़ा विरोध जताया। वक्ताओं ने एकमत से मनरेगा के मूल स्वरूप को बहाल रखने की आवश्यकता पर जोर दिया और इसे आमजन व श्रमिकों के हितों से जुड़ा मुद्दा बताया।
बैठक में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर भी रणनीतिक चर्चा की गई। विशेष रूप से हर बूथ से युवाओं को जोड़ने, संगठनात्मक ढांचे को बूथ स्तर तक मजबूत करने तथा जनसंपर्क बढ़ाने पर सहमति बनी। वक्ताओं ने युवाओं की भागीदारी को संगठन की रीढ़ बताते हुए उन्हें जिम्मेदारियां सौंपने की बात कही।
इस अवसर पर ब्लॉक सराड़ा अध्यक्ष गणेशलाल चौधरी, पूर्व विधायक बसंती देवी, विधायक प्रत्याशी रेशमामीणा, गातोड़ सरपंच अमीरलाल, मंडल अध्यक्ष कमलेश मेहता, उपसरपंच रामसिंह जी, विष्णुप्रसाद मीणा (पंचायत समिति सदस्य), कन्हैयालाल मीणा (पूर्व सरपंच खाकड़), विधि प्रकोष्ठ के सुनील मीणा, चंदन सिंह, प्रेमजी पटेल, रूपलाल पटेल, मावाराम पटेल, कालूलाल जैन, देवीलाल मीणा, वीरपुरा के गोकुल पटेल, रोशन मीणा, पहाड़ी खेमराज मीणा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक के पश्चात नेवल की पंचायत जावद, अद्वास सहित आसपास के क्षेत्रों में जनसंपर्क भी किया गया, जहां कार्यकर्ताओं ने आमजन से संवाद कर संगठन की नीतियों व आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। कार्यक्रम में परमानंद मेहता सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।