कोख का सौदा बेनकाबः IVF सेंटर पर भ्रूण लिंग जांच का गोरखधंधा, डॉक्टर और दलाल धराए

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उदयपुर में पीसीपीएनडीटी टीम की डिकॉय कार्रवाई, सेंटर सील
उदयपुर। शहर में अवैध भ्रूण लिंग जांच के मामले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की पीसीपीएनडीटी टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक IVF सेंटर की संचालिका डॉक्टर और महिला दलाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर ने 30 हजार रुपए लेकर गर्भ में बेटा होने की जानकारी दी, जबकि दलाल ने कुल 35 हजार रुपए वसूले।गुरुवार को पीसीपीएनडीटी टीम ने उदयपुर स्थित अमर आशीष हॉस्पिटल एंड टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर में डिकॉय ऑपरेशन किया। सेंटर संचालिका डॉ. नीना सक्सेना (60) और महिला दलाल पूजा सागर को हिरासत में लिया गया। कार्रवाई राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एमडी डॉ. अमित यादव के निर्देशन में की गई।

पहले रुपए, फिर नतीजा

डिकॉय के दौरान दलाल पूजा सागर ने गर्भवती महिला से 35 हजार रुपए लेकर उसे सेंटर पर ले गई। जांच के दौरान डॉ. नीना सक्सेना ने खुद का हिस्सा मांगा और कहा—पहले पैसे दो, फिर परिणाम बताया जाएगा। इसके बाद 30 हजार रुपए लेने पर डॉक्टर ने कोख में बेटा होने की जानकारी दी और भ्रूण को ठीक बताया।

रेकी के बाद बनी योजना

एएसपी डॉ. हेमंत जाखड़ ने बताया कि सूचना मिली थी कि उदयपुर जिले में दलाल गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड सेंटर्स में ले जाकर भ्रूण लिंग परीक्षण करवा रहे हैं। स्थानीय रेकी में सूचना सही पाई गई। इसके बाद पीसीपीएनडीटी अधिनियम-1994 के तहत टीम ने योजना बनाकर डिकॉय गर्भवती महिला को दलाल के पास भेजा।
डिकॉय महिला को पहले धरा डायग्नोस्टिक सेंटर ले जाया गया, फिर वापस टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर पहुंचाया गया। गर्भवती महिला के इशारे पर टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को हिरासत में लिया।

दस्तावेज सील, जांच जारी

कार्रवाई के दौरान सेंटर से आवश्यक दस्तावेज सील किए गए हैं। अन्य लोगों की भूमिका की जांच पीबीआई थाना पुलिस कर रही है। कार्रवाई की सूचना मिलते ही अवैध भ्रूण लिंग निर्धारण से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।

सख्त संदेश

एनएचएम एमडी डॉ. अमित यादव ने कहा कि लिंग चयन जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए विभाग हरसंभव प्रयास करेगा और इस तरह की कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी।

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