पीपला मातेश्वरी धाम में मीणा समाज की अहम बैठक खंडेलापाल के 18 फलां के प्रतिनिधि जुटे, सामाजिक सुधारों पर लिए ऐतिहासिक निर्णय

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सलूंबर/खंडेलापाल। धावड़ा स्थित पीपला मातेश्वरी मंदिर प्रांगण में मीणा समाज की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें खंडेलापाल के सभी 18 फलां के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में सामाजिक कुरीतियों पर रोक और शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर सर्वसम्मति से ठोस निर्णय लिए गए।
बैठक की अध्यक्षता नारायण मीणा गमेती (धावड़ा) ने की। मुख्य अतिथि के रूप में रामलाल मीणा (मानपुर) उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि धूलचंद मीणा (प्राध्यापक, संजेला) रहे। वक्ताओं में नाथूभाई संजेला, भागल, रुपाजी क्याडा, पेमा घटेड, टूठामहडा लिम्बाजी, गोतम लाल मीणा (युवा अध्यक्ष) एवं कन्हैयालाल कमलाशंकर सहित अन्य गणमान्यजन मौजूद रहे। संचालन प्रभुलाल मीणा चउडावाला ने किया।
लिए गए प्रमुख निर्णय
बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि समाज के सभी मांगलिक व सामाजिक कार्यक्रमों में अब देशी-विदेशी शराब, बीड़ी-तंबाकू, कपड़ों की पैरावणी और डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही प्रत्येक कार्यक्रम में केवल शाकाहारी भोजन व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी।
विवाह संस्कार को सरल और मर्यादित बनाने के लिए तीन परंपरागत वस्तुओं—मंगलसूत्र, सांकली और पायजेम—की निर्धारित राशि तय करने का निर्णय लिया गया, ताकि अनावश्यक खर्च और दिखावे पर अंकुश लगाया जा सके।
समाज के पंचों की सहमति से यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि सभी बालक-बालिकाओं को 18 वर्ष की आयु तक अनिवार्य शिक्षा दिलाई जाएगी। शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और फिजूलखर्ची रोकने पर विशेष बल दिया गया।
वक्ताओं ने रखे विचार
सेवानिवृत्त सीआरपीएफ अधिकारी नारायण लाल मीणा ने समाज से आह्वान किया कि सामाजिक बुराइयों को जड़ से समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
धूलचंद मीणा ने अपव्यय पर रोक लगाकर शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही।
मुख्य अतिथि रामलाल मीणा ने सोने-चांदी के आभूषणों का वजन सीमित करने और शाकाहारी भोजन व्यवस्था को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया।
अध्यक्ष नारायण गमेती ने खंडेलापाल क्षेत्र में इन निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प दोहराया।
बाबरमल मीणा सुथारिया ने सामाजिक आयोजनों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग का समर्थन किया।
बैठक के अंत में समाज की एकता, अनुशासन और शिक्षा उन्नयन के लिए सामूहिक संकल्प लिया गया। उपस्थित जनों ने निर्णयों को समाजहित में ऐतिहासिक कदम बताया।

रिपोर्टर नाथू लाल सालवी

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