होलिका दहन से पहले बालिकाओं ने किया पूजन, गांव में दिखी आस्था और उत्साह की झलक

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सलूंबर जिले के नौली गांव में
रंगों के पर्व होली से एक दिन पूर्व गांव में होलिका दहन की तैयारियों के बीच बालिकाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार विधि-विधान से पूजन किया।
होलिका दहन से पहले बालिकाएं नए कपड़े पहनकर एकत्रित हुईं और विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने होलिका स्थल पर रोली, अक्षत, गुड़, हल्दी, नारियल और नई फसल की बालियां अर्पित कीं। बालिकाओं ने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए परिक्रमा भी की।
ग्रामीणों ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। मान्यता है कि होलिका दहन से पहले पूजन करने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और घर-परिवार में खुशहाली आती है। इस अवसर पर महिलाओं और बुजुर्गों ने बालिकाओं को आशीर्वाद दिया और परंपराओं के महत्व को समझाया।
गांव के पुजारी शंकर लाल गर्ग ने बताया कि होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह पर्व प्रह्लाद की अटूट भक्ति और होलिका के दहन की कथा से जुड़ा है। इसी स्मृति में हर वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा की रात को होलिका दहन किया जाता है।
शाम को शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया जाएगा। इसके साथ ही अगले दिन रंगों की होली खेली जाएगी।

रिपोर्टर हितेश सुथार नौली

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