सलूम्बर कस्बे में सरकारी कार्यालयों की भूमि के मॉनेटाइजेशन को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। जिला कांग्रेस कमेटी ने इस प्रस्ताव के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकारी जमीन आम जनता की संपत्ति होती है, जिसका उपयोग जनकल्याणकारी कार्यों के लिए किया जाना चाहिए। ऐसे में इन जमीनों का मॉनेटाइजेशन करना जनहित के विपरीत कदम है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो भविष्य में सरकारी सुविधाओं और विकास कार्यों के लिए भूमि की कमी हो सकती है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि इस निर्णय से स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं और पारदर्शिता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की कि जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव को तुरंत निरस्त किया जाए।
वहीं, प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर मामले पर विचार करने का आश्वासन दिया गया है। अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है और आने वाले दिनों में यह मामला कितना तूल पकड़ता है।