सलूंबर शहर में गणगौर महोत्सव इस बार भव्यता और परंपरा के अद्भुत संगम के साथ मनाया गया। राजमहल प्रांगण की रावली पोल से निकली शाही सवारी ने पूरे शहर को उत्सव के रंग में रंग दिया।
गणगौर समिति के नेतृत्व में विभिन्न समाजों की महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा और आभूषणों में सजी-धजी राजमहल प्रांगण में एकत्रित हुईं। सिर पर सजी गणगौर और इशरजी की प्रतिमाओं के साथ महिलाओं और युवतियों ने पूरे श्रद्धाभाव से सवारी में भाग लिया। अविवाहित युवतियों की विशेष सहभागिता ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया।
शाम को प्रारंभ हुई यह भव्य शोभायात्रा आजाद मोहल्ला, होली चौक, गांधी चौक, खटीक समाज गरबा चौक और किशनपोल पुलिस चौकी जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई गणगौर घाट पहुंची। ढोल-नगाड़ों की गूंज और लोकगीतों की स्वर लहरियों पर झूमती महिलाएं पूरे शहर में उत्सव का माहौल बना रही थीं।
गणगौर घाट पर पहुंचकर महिलाओं ने परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार माता को नाव में विराजमान कर जल अर्पित किया और सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात सरोवर आरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन और गणगौर समिति के समन्वय से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस अवसर पर शहर के विभिन्न समाजों की कुल नौ गणगौर आकर्षण का केंद्र रहीं। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में आमजन, महिलाओं व बच्चों की सहभागिता देखने को मिली।