सलूम्बर। नगर में रविवार को आध्यात्मिक उल्लास और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला, जब आचार्य पुलक सागर महाराज ससंघ पदविहार करते हुए सलूम्बर पहुंचे। सागवाड़ा से यात्रा करते हुए उनके नगर आगमन पर दूदर स्थित मालवी कॉम्प्लेक्स में श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। जयघोष और धर्ममय वातावरण के बीच संतों का सानिध्य पाकर नगर भक्तिभाव में सराबोर नजर आया।
नगर में पहले से विराजमान मुनि आज्ञा सागर जी महाराज ने आचार्य श्री की अगवानी कर चरण वंदना की। दोनों संतों के मिलन के दौरान भगवान महावीर के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। इसके पश्चात आचार्य श्री ने नगर के प्रमुख जैन मंदिरों में वंदना कर चुंगीनाका स्थित जैन बोर्डिंग में प्रवेश किया, जहां धर्मसभा का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन और मंगलाचरण से हुई। सभा को संबोधित करते हुए आचार्य पुलक सागर महाराज ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज कई देश युद्ध और हिंसा की राह पर बढ़ते हुए एक-दूसरे को मिटाने पर आमादा हैं, जिससे विश्व अशांति के कगार पर पहुंच गया है।
उन्होंने भारत की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारा देश सदैव शांति, करुणा और सह-अस्तित्व का संदेश देता आया है। “दुनिया तलवार और मिसाइल से नहीं, बल्कि स्माइल से जीती जा सकती है,” यह कहते हुए उन्होंने भगवान महावीर और भगवान बुद्ध के ‘जीयो और जीने दो’ के सिद्धांत को अपनाने का आह्वान किया।
दोपहर में सामयिक एवं तत्व चर्चा आयोजित हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। वहीं सायंकाल गुरु भक्ति, आरती और धार्मिक प्रश्नमंच के माध्यम से कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।
इस अवसर पर समाज के कई गणमान्य नागरिक, पदाधिकारी एवं विभिन्न शहरों से आए सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे। पूरा दिन धर्म, भक्ति और प्रेरणा से ओतप्रोत रहा, जिसने नगरवासियों के मन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।