राजस्थान सरकार के निर्देश पर सलूम्बर जिले के ग्राम करावली में स्वास्थ्य और जागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला। ‘आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना’ के तहत आयोजित पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम में ग्रामीणों को बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
सोमवार को आयुर्वेद, चिकित्सा एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान नशामुक्ति की शपथ दिलाकर युवाओं और बुजुर्गों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए नशामुक्त जीवन बेहद जरूरी है।
शिविर में विशेषज्ञों ने संतुलित खानपान, नियमित योग और आयुर्वेदिक जीवनशैली के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रोजाना योग और सही आहार से कई बीमारियों से बचाव संभव है और शरीर को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ रखा जा सकता है।
इस दौरान स्वास्थ्य शिविर में मरीजों की जांच भी की गई, जहां डॉक्टरों ने आवश्यक परामर्श और दवाइयां उपलब्ध कराईं। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम गांवों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करना रहा। इस पहल से करावली गांव में एक सकारात्मक संदेश गया है, जिससे आने वाले समय में बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छ जीवनशैली को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।