नाबालिग से दरिंदगी पर सख्त फैसला: दोषी को उम्रकैद, महिला सह-अभियुक्ता भी दंडित

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सलूम्बर। नाबालिग बालिका से दुष्कर्म और हिंसक हमले के एक गंभीर मामले में सलूम्बर की विशेष पोक्सो न्यायालय ने कठोर रुख अपनाते हुए मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने माना कि आरोपी का कृत्य न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण पैदा करने वाला भी है।
विशेष न्यायालय- पोक्सो अधिनियम एवं बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम के पीठासीन अधिकारी श्री रामेश्वर प्रसाद चौधरी ने राज्य बनाम हिमांशु एवं अन्य प्रकरण में फैसला सुनाते हुए आरोपी हिमांशु निवासी पाल सराड़ा लोदरी फला, थाना सराड़ा को नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म, अश्लील हरकतें, मारपीट और धमकाने का दोषी ठहराया। वहीं सह-अभियुक्ता कांता देवी को पीड़िता के साथ मारपीट कर चोट पहुंचाने के अपराध में सजा दी गई।
अदालत ने हिमांशु को पोक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। इसके अलावा विभिन्न धाराओं में अलग-अलग सजाएं और जुर्माने भी लगाए गए। न्यायालय ने आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। सह-अभियुक्ता कांता देवी को एक वर्ष के साधारण कारावास और पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई।
अभियोजन के अनुसार नाबालिग बालिका दुकान पर बिस्किट लेने गई थी। इसी दौरान आरोपी ने उसका मोबाइल छीन लिया और उसे दुकान के पीछे बने कमरे में ले जाकर जबरन लैंगिक हमला किया। विरोध करने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी। मामला यहीं नहीं रुका, बल्कि घटना उजागर करने की बात कहने पर आरोपी ने कुदाली से हमला कर बालिका को घायल कर दिया। बाद में मौके पर पहुंची महिला सह-अभियुक्ता ने भी पीड़िता के साथ मारपीट की।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 19 गवाह और 41 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए। विशिष्ट लोक अभियोजक एवं जिला राजकीय अधिवक्ता रणजीत पुर्बिया ने प्रभावी पैरवी करते हुए अदालत के समक्ष पूरे घटनाक्रम को मजबूती से रखा।
निर्णय में न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि नाबालिग बालिकाओं के खिलाफ इस प्रकार के अपराध अत्यंत गंभीर हैं और ऐसे मामलों में दोषियों के प्रति किसी प्रकार की नरमी उचित नहीं मानी जा सकती। अदालत ने पीड़िता को अर्थदंड राशि प्रतिकर स्वरूप दिलाने के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

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