सलूम्बर कोर्ट का बड़ा निर्णय: युवक की हत्या के चार आरोपी उम्रकैद की सजा से दंडित

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

सलूम्बर। बहुचर्चित खानाखेड़ी घाटी हत्याकांड में जिला एवं सेशन न्यायालय, सलूम्बर ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। न्यायाधीश रामेश्वर प्रसाद चौधरी ने मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद भीमराज उर्फ भीमा पुत्र लालूराम, कालू पुत्र लालूराम, नरेन्द्र उर्फ नरेश पुत्र शंकरलाल तथा महेन्द्र पुत्र नाथु को हत्या सहित विभिन्न अपराधों में दोषी ठहराया। वहीं भगवानलाल और कीर्तन को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।
अभियोजन के अनुसार 14 मार्च 2025 को भंवरसिंह को आरोपी भीमराज उर्फ भीमा ने फोन कर बातचीत और समझाइश के बहाने खानाखेड़ी घाटी बुलाया था। वहां पहले से मौजूद भीमराज, कालू, नरेन्द्र और महेन्द्र ने लाठियों एवं पत्थरों से लैस होकर भंवरसिंह तथा उसके साथ मौजूद दिनेश, देवीलाल और हिमतराम पर हमला कर दिया।
घटना के दौरान जब भंवरसिंह ने बीच-बचाव का प्रयास किया तो आरोपियों ने उसे निशाना बनाते हुए उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर ताबड़तोड़ वार किए। गंभीर रूप से घायल भंवरसिंह को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हमले में दिनेश, देवीलाल और हिमतराम भी घायल हुए थे। आरोपियों ने परिवादी की मोटरसाइकिल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 27 गवाहों के बयान दर्ज कराए तथा 49 दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। प्रत्यक्षदर्शी गवाहों, चिकित्सकीय रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने माना कि भंवरसिंह के सिर पर लगी गंभीर चोटें ही उसकी मृत्यु का कारण बनीं और यह हमला आरोपियों द्वारा सामूहिक रूप से किया गया था।
न्यायालय ने चारों दोषियों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपए अर्थदंड, धारा 115(2) के तहत एक-एक वर्ष का कठोर कारावास एवं 5-5 हजार रुपए अर्थदंड तथा धारा 324(2) के तहत छह-छह माह का कठोर कारावास एवं एक-एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने के आदेश दिए हैं।
न्यायालय ने यह भी निर्देश दिए कि दोषियों से वसूल की जाने वाली जुर्माना राशि मृतक भंवरसिंह के वारिसों को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जाए।
प्रकरण में राज्य सरकार की ओर से लोक अभियोजक एवं जिला राजकीय अधिवक्ता एडवोकेट रणजीत पुर्बिया ने प्रभावी पैरवी की। अभियोजन पक्ष की मजबूत दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने चारों आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

 

फैसले की प्रमुख बातें

भंवरसिंह हत्याकांड में चार आरोपी दोषी करार
चारों को आजीवन कारावास की सजा
दो आरोपियों भगवानलाल और कीर्तन को बरी किया गया
27 गवाह और 49 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए
जुर्माना राशि मृतक के परिजनों को क्षतिपूर्ति के रूप में मिलेगी
लोक अभियोजक रणजीत पुर्बिया ने की प्रभावी पैरवी

और पढ़ें

error: Content is protected !!