सलूंबर जिले के परसाद गांव के युवा कमलेश गर्ग ने गर्ग समाज का नाम गौरवान्वित किया है। उन्होंने 18 वर्षीय एक कैंसर पीड़ित युवती के लिए एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट) रक्तदान कर उसकी जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सबसे प्रेरणादायक बात यह रही कि युवती से कमलेश गर्ग का न कोई पारिवारिक रिश्ता था और न ही कोई पूर्व परिचय। केवल मानवता के नाते उन्होंने बिना एक पल की देर किए रक्तदान करने का निर्णय लिया और समय पर प्लेटलेट्स उपलब्ध कराकर पीड़िता के उपचार में सहयोग किया।
चिकित्सकों के अनुसार कैंसर मरीजों के लिए एसडीपी रक्तदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और समय पर उपलब्ध होने पर यह जीवन रक्षक साबित होता है। कमलेश गर्ग के इस निस्वार्थ कार्य ने समाज को यह संदेश दिया है कि इंसानियत और सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है।
गर्ग समाज सहित क्षेत्र के लोगों ने कमलेश गर्ग के इस सराहनीय कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे युवा समाज की वास्तविक पहचान हैं। उनका यह सेवा भाव अन्य लोगों को भी रक्तदान जैसे महादान के लिए प्रेरित करेगा।
कमलेश गर्ग
का यह मानवीय कदम केवल एक जीवन बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा, करुणा और परोपकार की भावना को मजबूत करने वाला प्रेरणादायी उदाहरण बन गया है।








