सलूंबर, 16 अगस्त। पंचायतीराज संस्थाओं के आगामी चुनाव को लेकर राज्य सरकार ने आरक्षण निर्धारण एवं लॉटरी प्रक्रिया का कार्यक्रम जारी कर दिया है। चुनावी तैयारियों के बीच जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाली आरक्षण प्रक्रिया की तारीखें तय होने से संभावित प्रत्याशियों में भी हलचल बढ़ गई है।
राज्य सरकार की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश में नगरीय निकायों एवं पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की प्रक्रिया इस वर्ष 15 नवंबर तक पूरी कराने का लक्ष्य रखा गया है। चुनाव से पहले विभिन्न पदों के आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा।
जिला स्तर पर 17 सितंबर को लॉटरी
पंचायतीराज संस्थाओं के दूसरे चरण के चुनाव को देखते हुए जिला स्तर पर जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति प्रधान एवं पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए आरक्षण निर्धारण और लॉटरी 17 सितंबर 2026 को होगी। इसके बाद चुनावी तस्वीर में कई सीटों की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
ग्राम पंचायतों में अगले दिन प्रक्रिया
वहीं, उपखंड स्तर पर सरपंच एवं वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी 18 सितंबर 2026 को निकाली जाएगी। इसके साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों के लिए भी तस्वीर साफ होने लगेगी।
पहले होंगे नगरीय निकाय चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से उच्च न्यायालय में प्रस्तुत किए गए प्रतिवेदन के अनुसार नगरीय निकायों के चुनाव पहले चरण में तथा पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव दूसरे चरण में कराए जाने प्रस्तावित हैं। नगरीय निकायों के अध्यक्ष एवं जिला परिषद के जिला प्रमुख पदों के आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया 13 अगस्त को पूरी हो चुकी है।
राज्य सरकार ने संबंधित अधिकारियों को तय समय-सारिणी के अनुसार आरक्षण एवं लॉटरी की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अब 17 और 18 सितंबर की तारीखों पर जिले से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक राजनीतिक गतिविधियां और दावेदारों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है।