पंच परिवर्तन लागू करने में दुर्गावाहिनी की भूमिका अहम: लता पंडिया

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सलूम्बर। “नागरिक कर्तव्य, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन और स्वदेशी—इन पंच प्रणों को अपने जीवन में उतारकर ही समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव है। इस परिवर्तन को समाज में जमीनी स्तर पर लागू करने में दुर्गावाहिनी और मातृशक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।” उक्त उद्बोधन दुर्गावाहिनी क्षेत्रिय संयोजिका लता पांड्या ने दुर्गावाहिनी शौर्य प्रक्षिषण सलूम्बर में प्रशिक्षण वर्ग के छट्टे दिन के बौद्धिक सत्र में दिया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वयं इन पंच प्रणों को जीवन में अपनाकर दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत बनना होगा। यह एक गुरुतर दायित्व है, क्योंकि यही पंच कर्त्तव्य समाज के दिशा-सूचक हैं।
वर्ग के कृति सत्र में क्षेत्रिय संयोजिका लता पण्ड्या द्वारा बहनों को आंदोलन करने की विस्तृत जानकारी दी गई साथ ही प्रांत संयोजिका सीमा जी जाट कि नेतृत्व में पहल गांव घटना के विरोध में आंतकवाद का पुतला फूंक कर ज्ञापन देते हुए आन्दोलन करने का प्रक्षिषण दिया गया। ऊत कार्यकर्म में जयश्री सोनी, निधि शर्मा,प्रीति मनावत,शिवानी कुशवाह, आरुषि पण्ड्या,पूर्वा साहू, लक्षिता सोनी,रिया,भूमि, साक्षी, उर्वशी, एनी, नीलम प्रजापत,नीलू पुर्बिया,निर्मला लोहार ,कोमल प्रजापत, कृतिका सोनी,पूनम शर्मा आदि बहनों ने सहभागिता निभाई

रिपोर्टर नारायण सेन

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