
गीतकार कैलाश सोनी ने,,खूबसूरत अयोध्या सजने लगी,,राम सबके दिलों में समाते रहे,, सुना कर सनां बांध दिया,, अजमेर के शायर अरुण त्रिपाठी,, चुटकलों के शोर ने कविताएं दबा रखी है व इस घर से उस घर मिट्टियां रह जाएगी, आदमी के हाथ बस दो रोटियां रह जाएगी,,मंच को उंचाइयां प्रदान की,, चितौड़ के हास्य कवि अमृत वाणी ने मेवाड़ी व वागड़ी भाषा में हास्य की कविता सुनाई,,, उदयपुर के हास्य व्यंग कवि डॉ मनोहर श्रीमाली ने,, उलट पुलट हेर फेर हो गया,, ये मनोहर अनुपम खैर हो गया सुना खूब हंसाया,, अपने जमाने विश्व विख्यात कवि उदयपुर के डाड़म चंद डाड़म अपने प्रसिद्ध रचना,, मारा ब्याजी व्याव किदो,, व हम वे तो कम खानों पर दो लुंगाया वाला का अठे चोरी करवां नी जानोंWhatsApp us