सलूंबर। सेरेब्रल पाल्सी जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही 16 वर्षीय रिया और उसकी मां कलावती के लिए अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। लंबे समय से सरकारी योजनाओं की जानकारी और प्रक्रिया से अनजान यह परिवार निराशा के दौर से गुजर रहा था, लेकिन सेवा सहयोग समर्पण ग्रुप ने आगे आकर उनकी जिंदगी में नई उम्मीद जगा दी।
रिया की मां कलावती ने ग्रुप के सेवा कार्यों से प्रभावित होकर संपर्क किया, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। सामने आया कि जानकारी के अभाव, तकनीकी अड़चनों और पहले के असफल प्रयासों के चलते परिवार ने सरकारी सहायता की उम्मीद ही छोड़ दी थी।
ग्रुप ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों से संपर्क साधा और रिया को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू करवाई। साथ ही जरूरी दस्तावेजों की पूर्ति और विभागीय समन्वय का जिम्मा भी अपने स्तर पर संभाला।
समूह के सदस्यों के अनुसार, रिया को जल्द ही उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय ले जाकर दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाया जाएगा, जिससे उसे सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल सकेगा।
गौरतलब है कि यह ग्रुप कोरोना काल से लगातार जरूरतमंदों और दिव्यांगों की मदद में जुटा हुआ है। गांव-गांव जाकर सैकड़ों लोगों को योजनाओं से जोड़ने का काम कर चुका यह समूह आज भी सेवा और समर्पण की मिसाल बना हुआ है।
ग्रुप की इस पहल से रिया और उसकी मां के चेहरे पर लंबे समय बाद मुस्कान लौट आई है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की नई शुरुआत का संकेत है।