सलूंबर, 6 अप्रैल। जिले में चल रहे “शुद्ध आहार मिलावट पर वार” अभियान के तहत सेमारी क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 700 किलो दूषित और एक्सपायरी खाद्य सामग्री को नष्ट करवाया। साथ ही विभिन्न प्रतिष्ठानों से 8 खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
जिला कलेक्टर मोहम्मद जुनैद पी.पी. के निर्देश और खाद्य सुरक्षा विभाग के मार्गदर्शन में उपखंड अधिकारी सुरेश कुमार बलाई के नेतृत्व में टीम ने सेमारी और चावण्ड क्षेत्र में सघन निरीक्षण किया। जांच के दौरान केकेजेबी मार्ट और एलजे मार्ट में बड़ी मात्रा में खराब और अवधि पार सामग्री पाई गई, जिसमें मसाले, तेल, सूजी, बेसन, चाय पत्ती, पापड़, पोहा सहित अन्य खाद्य पदार्थ शामिल थे। इन सभी को प्रशासन की मौजूदगी में डंपिंग यार्ड ले जाकर नष्ट किया गया।
कार्रवाई के दौरान केकेजेबी फर्म से घी का सैंपल लेकर 14 किलो घी को जब्त किया गया, वहीं एलजे मार्ट से गुलाब जामुन और एक अन्य व्यापारी से तेल का नमूना लिया गया। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कई दुकानों पर खाद्य लाइसेंस प्रदर्शित नहीं था, साफ-सफाई का अभाव था और बिना लेबल के खाद्य सामग्री बेची जा रही थी।
चावण्ड में एक होटल से मसाले, बिस्किट और दही के सैंपल लिए गए। यहां खाद्य रंग का अनुचित उपयोग मिलने पर उसे मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने बस स्टैंड क्षेत्र के मिष्ठान विक्रेताओं और किराना व्यापारियों को साफ-सफाई बनाए रखने, खुले में खाद्य सामग्री नहीं बेचने और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए।
स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि मिलावट के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।