सलूम्बर, 10 अप्रैल। महिला एवं बाल विकास विभाग, महिला अधिकारिता सलूम्बर के तत्वावधान में ग्राम पंचायत टोड़ा के मिणवाड़ा स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र ‘बी’ पर बाल विवाह रोकथाम विषय पर जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, स्थानीय महिलाएं एवं बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी महिलाओं और बालिकाओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि बाल विवाह एक गंभीर कानूनी अपराध है, जिसके खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
कार्यक्रम में बालिकाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक रहने और अपने अधिकारों को पहचानने के लिए प्रेरित किया गया। महिलाओं से भी अपील की गई कि वे समाज में जागरूकता फैलाकर इस कुप्रथा को जड़ से खत्म करने में सहयोग करें।
साथिन माया मेहता ने सभी को बाल विवाह रोकथाम के लिए संकल्प दिलाया और कहा कि जागरूकता ही इस सामाजिक बुराई को समाप्त करने का सबसे बड़ा हथियार है।
“जागरूक समाज ही सुरक्षित भविष्य की नींव है” इसी संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।