सलूम्बर। जिले में जल संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण को लेकर अब ग्राम पंचायत स्तर पर ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन, भू-जल संरक्षण विभाग तथा विभिन्न संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से आयोजित दो दिवसीय वाटर बजटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को सम्पन्न हुआ।
प्रशिक्षण में सरकारी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर जल संसाधनों के आकलन, संरक्षण और उनके बेहतर उपयोग की तकनीकों को समझा।
विशेषज्ञों ने बताया कि किसी क्षेत्र में उपलब्ध जल की मात्रा और उसकी खपत का वैज्ञानिक विश्लेषण कर भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप योजना बनाना ही वाटर बजटिंग का मूल उद्देश्य है।
समापन सत्र में जिला कलक्टर मोहम्मद जुनैद ने कहा कि बढ़ती जल चुनौतियों के बीच सामुदायिक भागीदारी और वैज्ञानिक सोच ही स्थायी समाधान का आधार बन सकती है। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों से गांवों में जनजागरूकता बढ़ाने और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से जल बजट तैयार करने की प्रक्रिया समझाई। प्रशिक्षण के बाद ब्लॉक रिसोर्स ग्रुप के सदस्य जिले की सभी ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से वाटर बजट तैयार करेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर जल संसाधनों के संरक्षण और प्रभावी प्रबंधन को नई दिशा मिलेगी।