खखोया भेरूजी मंदिर में 27 जून को होगा ध्वजदंड एवं कलश स्थापना महोत्सव 25 जून से शुरू होंगे तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन, कलश यात्रा, नवचंडी यज्ञ और भव्य शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र
सलूम्बर। सरणी नदी के किनारे स्थित क्षेत्र के प्रसिद्ध आस्था केंद्र श्री खखोया भेरूजी मंदिर में 27 जून को ध्वजदंड एवं कलश स्थापना महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। वैदिक रीति-रिवाजों एवं मंत्रोच्चार के साथ होने वाले इस आयोजन को लेकर मंदिर समिति की ओर से तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। आयोजन में क्षेत्र सहित दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
मंदिर समिति सदस्य प्रेमचंद भोई ने बताया कि धार्मिक आयोजन तीन दिनों तक चलेगा। कार्यक्रम का शुभारंभ 25 जून को प्रातः 8 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। कलश यात्रा में महिलाएं एवं श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर धार्मिक वातावरण का निर्माण करेंगे। इसके बाद 26 जून को नवचंडी यज्ञ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु दंपति वैदिक विधि-विधान से हवन एवं यज्ञ में आहुतियां प्रदान करेंगे।
उन्होंने बताया कि 27 जून को विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो विभिन्न मार्गों से होकर मंदिर परिसर पहुंचेगी। शोभायात्रा के समापन के बाद वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मंदिर शिखर पर ध्वजदंड एवं कलश की स्थापना की जाएगी। आयोजन को लेकर विभिन्न समाजों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों को आमंत्रण भेजा गया है। साथ ही आसपास के समाज के बाईस चौखलों में भी विशेष निमंत्रण दिया गया है।
मंदिर के मुख्य भोपाजी भेरूलाल मीणा ने बताया कि श्री खखोया भेरूजी मंदिर वर्षों पुरानी धार्मिक आस्था का केंद्र है। प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। नवरात्रि के दौरान भी नौ दिनों तक नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित दूर-दराज के जिलों से भक्त दर्शन के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर में होने वाला ध्वजदंड एवं कलश स्थापना महोत्सव धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं। मंदिर समिति ने क्षेत्र के समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने तथा धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।