सलूंबर ज़िले में सेमारी थाना सर्कल के घोड़ासर गांव में हुई दोहरे निर्मम हत्याकांड और लूट की गुत्थी पुलिस ने बेहद तेज़ी से सुलझा ली। जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार यादव के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने आरोपी तक पहुंचते हुए गंगाराम मीणा और उसके साथी बबलू मीणा को गिरफ्तार कर पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।
कैसे घटा खौफनाक हत्याकांड
5 दिसंबर की रात घोड़ासर गांव की पटाल में मौत का ऐसा मंजर था जिसे देखकर गांव ही नहीं, पूरा क्षेत्र दहल उठा।
65 वर्षीय धन्ना मीणा की पत्नी गौरी (60) और उसका 5 वर्षीय भांजा सुरेश खाट पर सो रहे थे, इसी दौरान देर रात करीब 11:30 बजे दो नकाबपोश घर में घुसे।
जब प्रार्थी सत्संग से लौटकर घर पहुंचा तो देखा
गौरी मीणा के दोनों पैर पंजे से ऊपर कटे हुए, शरीर खून से लथपथ।
5 साल का मासूम सुरेश गले पर गहरा वार और सिर में चोट के साथ मृत पड़ा था।घर में हर तरफ खून फैला हुआ था। मृतका के सोने-चांदी के जेवरात गायब थे।रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आई और जांच थानाधिकारी गोपाल कृष्ण को सौंपी गई।
जमाई ही निकला कातिल
एक महीने से पत्नी न भेजने का था गुस्सा!
पुलिस की सख्त पूछताछ में सामने आया कि
मुख्य आरोपी गंगाराम मीणा मृतका गौरी का सगा जमाई है।
उसने स्वीकार किया कि सास द्वारा पत्नी को ससुराल नहीं भेजने से वह नाराज़ था गुस्से और आवेश में उसने दोस्त बबलू के साथ मिलकर यह वारदात अंजाम दी वारदात के बाद दोनों जेवर लूटकर फरार हो गए
विशेष टीमों का शानदार ऑपरेशन
जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कई टीमें लगातार दो दिन तक लगातर जमीं रहीं।
मुख्य भूमिका निभाने वाले अधिकारी
धर्मेन्द्र सिंह वाघेला, थानाधिकारी झल्लारा महेन्द्रसिंह (एएसआई), प्रभारी जिला स्पेशल टीम हेमेन्द्रसिंह, कांस्टेबल – जिला साइबर सेल
गिरफ्तारी दल
गोपाल कृष्ण, थानाधिकारी सेमारी
भानुप्रताप सिंह, कांस्टेबल — (गंगाराम को डिटेन करने में विशेष भूमिका) कुशाल सिंह, कांस्टेबल — (बबलू को डिटेन करने में विशेष भूमिका) भरत कुमार, तेज़ेन्द्र सिंह, यशपाल सिंह, किरेन्द्र सिंह, महेन्द्र सिंह बडावली सहित पुलिस टीम
गिरफ्तार आरोपी
1. गंगाराम पिता नाथू मीणा, उम्र 28 वर्ष, निवासी सिपुरा भागल
2. बबलू पिता गोपाल मीणा, उम्र 21 वर्ष, निवासी मल्लाडा









