सलुम्बर हायर सेकेंडरी विद्यालय के पुस्तकालय कक्ष में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
संगोष्ठी में भीलवाड़ा से पधारे पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विनोद मलवाना ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने जलस्तर बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। वर्षा जल संचयन, वृक्षारोपण, तालाबों एवं पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण जैसे छोटे-छोटे प्रयासों से भी जल स्तर में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
उन्होंने अपने कई वर्षों के अनुभव साझा करते हुए बताया कि निरंतर प्रयास और जनभागीदारी से ही पर्यावरण संतुलन को बनाए रखा जा सकता है। साथ ही युवाओं से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं।
इस अवसर पर महेश कुमार आमेटा ने भी विचार रखते हुए बताया कि सलुम्बर क्षेत्र में पर्यावरण टीम एवं विभिन्न समाजसेवियों द्वारा लगातार वृक्षारोपण किया जा रहा है। उन्होंने सोनार माता जी के पहाड़ क्षेत्र में प्रतिवर्ष किए जा रहे वृक्षारोपण का उदाहरण देते हुए क्षेत्र को हराभरा बनाने के प्रयासों की सराहना की।
संगोष्ठी में उपस्थित पर्यावरण प्रेमियों एवं समाजसेवियों ने सामूहिक संकल्प लिया कि विलो के दरवाजे के पास स्थित सेरीग तालाब के जवाहर घाट की सफाई से अभियान की शुरुआत की जाएगी। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक शनिवार को अलग-अलग स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाकर पर्यावरण जागरूकता फैलाई जाएगी तथा पॉलीथिन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।
बैठक में उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने विचार व्यक्त किए और ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में प्रहलाद पटेल, शंकर लाल भोई, तस्दुक बोहरा, राम भरोसे पुरोहित, दीपक पटेल, प्रदीप पटेल, प्रभुलाल जैन, शिवानंद पुरोहित, रमेश लोहार, संदीप वैष्णव, राकेश प्रजापत, भंवरलाल बुनकर, विष्णु कुमार सोनी, संतोष राठौड़, विमल कुमार भट्ट, महेन्द्र कुमार औदिच्य, कुशाग्र आमेटा, शान्तीलाल पटेल, अली असगर बोहरा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।