सलूम्बर। विश्व सामाजिक न्याय दिवस के अवसर पर शहर में आयोजित दिव्यांग गतिविधि महोत्सव ने समावेश और समान अवसर का सशक्त संदेश दिया। राजस्थान
राज्य क्रीड़ा परिषद, जिला प्रशासन सलूम्बर, जिला खेलकूद प्रशिक्षण केंद्र और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में यह आयोजन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में संपन्न
हुआ। कार्यक्रम में जिलेभर से आए करीब 100 विशेष योग्यजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
महोत्सव के दौरान खेल, कला और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे मैदान में जोश, आत्मविश्वास और उमंग का वातावरण देखने को मिला। प्रतिभागियों के चेहरे पर
आत्मगौरव की झलक साफ दिखाई दी।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद जिला कलेक्टर अवधेश मीणा ने कहा कि यह महोत्सव केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि समावेशी समाज की सोच का उत्सव है। उन्होंने कहा कि विशेष योग्यजन साथियों ने समय-समय पर साबित किया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और उचित अवसर मिलने पर कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। शिक्षा, खेल, कला, तकनीक और नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में उनकी उपलब्धियां समाज के लिए प्रेरणा हैं।
कलेक्टर ने बताया कि जिला प्रशासन विशेष योग्यजनों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, सहायक उपकरण वितरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले में सुगम्य वातावरण और समान अवसर की अवधारणा को पूरी तरह साकार किया जाए।
जिला खेल अधिकारी अशोक चौधरी ने जानकारी दी कि दिव्यांगजन की विभिन्न श्रेणियों को ध्यान में रखते हुए प्रतिस्पर्धात्मक और मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया, ताकि सभी प्रतिभागी अपनी क्षमता के अनुरूप भाग ले सकें।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। महोत्सव ने यह संदेश दिया कि अवसर और सहयोग मिलने पर हर व्यक्ति अपनी प्रतिभा से समाज में नई पहचान बना सकता है।