सलूंबर जिले के नौली गांव में इस वर्ष धुलेटी का पर्व केवल रंगों और उत्साह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी साथ लेकर आया। होली के तीसरे दिन मनाई गई धुलेटी पर ग्रामीणों ने जहां प्राकृतिक और सूखे रंगों से हर्षोल्लास के साथ उत्सव मनाया, वहीं रंग खेलने के बाद सार्वजनिक स्थलों की सफाई कर एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया।
सुबह से ही गांव के विभिन्न मोहल्लों में युवाओं और ग्रामीणों ने आपसी प्रेम और सौहार्द के साथ धुलेटी खेली। इसके बाद कालिका माता मंदिर, नौली तालाब और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। मंदिर की सीढ़ियों और तालाब किनारे जमा कचरे को हटाया गया तथा पानी में पड़ी प्लास्टिक सामग्री और गंदगी को बाहर निकालकर तालाब को स्वच्छ बनाया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि धुलेटी केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति त्योहारों के साथ स्वच्छता को जोड़े, तो समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।
धुलेटी के अवसर पर बस स्टैंड कालूजी बावसी पर गुड़ और नारियल का प्रसाद वितरण भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
नौली गांव की यह पहल क्षेत्रभर में चर्चा का विषय बनी हुई है और अन्य गांवों के लिए प्रेरणा साबित हो रही है।