उदयपुर। जिले के संत पॉल्स स्कूल में टैलेंट किसी पहचान का मोहताज नहीं होता—इस बात को 6 वर्षीय शतरंज खिलाड़ी रमणीक सिंह सलूजा ने अपने दमदार खेल से साबित कर दिया। अपनी बुद्धिमत्ता, आत्मविश्वास और सटीक रणनीति के दम पर उन्होंने जिला अंडर-7 शतरंज प्रतियोगिता में ऐसा प्रदर्शन किया कि हर कोई उनका मुरीद हो गया।
नन्हे खिलाड़ी रमणीक ने अपनी हर चाल में परिपक्वता दिखाते हुए यह संदेश दिया कि “Singh is King”। बिसात पर उनके आत्मविश्वास ने साफ कर दिया कि Singh कभी पीछे नहीं हटता, वह सिर्फ जीतना जानता है।
“Son of Sardar – Born to rule the Board!”—यह पंक्ति रमणीक के खेल पर पूरी तरह सटीक बैठती है, जहां हर मूव में उनकी सोच और आक्रामक रणनीति झलकती रही।
यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके जुनून, मेहनत और समर्पण की कहानी बयां करती है। रमणीक ने अपनी शानदार चालों से न केवल प्रतिद्वंद्वियों को चौंकाया, बल्कि यह भी साबित किया कि उम्र नहीं, हौसला मायने रखता है।