सलूंबर, 14 जून। किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने तथा रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के उपयोग को कम करने के उद्देश्य से रविवार को जावर माइंस स्थित सामुदायिक भवन में “प्राकृतिक खेती कार्यशाला” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर प्राकृतिक एवं जैविक खेती की उन्नत तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत रहे, जबकि अध्यक्षता सलूंबर विधायक शांता देवी मीणा ने की। कार्यशाला में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष हकरू भाई मयड़ा, भाजपा उदयपुर देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली, भाजपा उदयपुर शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, लसाड़िया विधायक प्रत्याशी कन्हैयालाल मीणा, जिला उपाध्यक्ष चंद्रशेखर जोशी, कार्यक्रम जिला संयोजक नरेंद्र सिंह आसोलिया, सह संयोजक शांतिलाल जैन, सेमारी प्रधान दुर्गाप्रसाद मीणा, जयसमंद मंडल अध्यक्ष लक्ष्मण मीणा, एसटी मोर्चा प्रदेश प्रवक्ता सोनल मीणा, सराड़ा मंडल अध्यक्ष करण जोशी, मल्लाड़ा मंडल अध्यक्ष लक्ष्मीलाल कलाल एवं भबराना मंडल अध्यक्ष भवानी सिंह चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला में प्राकृतिक खेती विषयक विशेष प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें किसानों को जैविक उत्पादों, वर्मी कम्पोस्ट तथा प्राकृतिक कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई। कृषि विभाग एवं अन्य विभागों के अधिकारियों ने किसानों को रासायनिक खेती से होने वाले नुकसान और प्राकृतिक खेती के लाभों के बारे में विस्तार से बताया।
महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशालय के निदेशक ने किसानों को प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों, जैविक खादों के उपयोग तथा कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपायों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
किसान गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में प्राकृतिक एवं जैविक खेती समय की आवश्यकता है। किसानों को वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत एवं अन्य जैविक उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं विशेषज्ञों ने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाकर स्वस्थ कृषि, स्वस्थ पर्यावरण और स्वस्थ समाज के निर्माण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।