स्वास्थ्य सेवाओं में नेतृत्व क्षमता बढ़ाने पर जोर, आईआईएम उदयपुर में अधिकारियों को मिला प्रबंधन का पाठ

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सलूम्बर। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं जनकेंद्रित बनाने के उद्देश्य से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के लिए आयोजित प्रबंधन एवं नेतृत्व विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला कलक्टर मोहम्मद जुनैद पी.पी. ने सहभागिता कर अधिकारियों का मार्गदर्शन किया। आईआईएम उदयपुर में आयोजित इस विशेष कार्यशाला में उन्होंने जन-स्वास्थ्य व्यवस्था में नेतृत्व की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए सेवा भावना और जवाबदेही को सफलता की कुंजी बताया।
कार्यक्रम के दौरान जिला कलक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर आमजन तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाना ही एक प्रभावी नेतृत्व की पहचान है। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी को मरीज और समुदाय की जरूरतों को समझने के लिए संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। चुनौतियों की समय पर पहचान और उनका समाधान खोजने की क्षमता ही बेहतर प्रशासन और नेतृत्व का आधार बनती है।
उन्होंने कहा कि गांवों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं उपस्वास्थ्य केन्द्रों की भूमिका अत्यंत अहम है। आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत कड़ी हैं, जिनके माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है।
कार्यक्रम में आईआईएम उदयपुर की ओर से प्रतिभागियों को आधुनिक प्रबंधन तकनीकों, टीम नेतृत्व, संसाधन प्रबंधन और जनसेवा से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस पहल से उनकी कार्यशैली और निर्णय लेने की क्षमता में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
इस अवसर पर जिला कलक्टर ने आईआईएम उदयपुर के निदेशक प्रोफेसर अशोक बनर्जी से मुलाकात कर प्रशासनिक नेतृत्व, जनसेवा और संस्थागत विकास जैसे विषयों पर चर्चा की। उल्लेखनीय है कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के जिला एवं सेक्टर स्तर के अधिकारी इस 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं, जो आगामी तीन माह के दौरान विभिन्न चरणों में संपन्न होगा।

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