
“हल्दीघाटी युद्ध दिवस” समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. प्रदीप कुमावत ने “महाराणा प्रताप राष्ट्र स्वाभिमान अभियान” का औपचारिक शुभारंभ किया। अपने ओजस्वी संबोधन में डॉ. कुमावत ने कहा कि “हल्दीघाटी का युद्ध तलवारों की टकराहट नहीं, अपितु स्वाभिमान और साम्राज्यवाद के बीच टकराव था। एक ओर अकबर की विस्तारवादी नीति, दूसरी ओर महाराणा प्रताप की दृढ़ प्रतिज्ञा थी कि वे किसी भी मूल्य पर परतंत्रता स्वीकार नहीं करेंगे।”WhatsApp us