117 हैंडपंपों की जांच, 7 खराब मिले—मौके पर ही सुधार; ग्रामीणों से लिया फीडबैक, पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता

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सलूंबर, 6 अप्रैल। भीषण गर्मी से पहले जिले में पेयजल व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है।
इसी कड़ी में रविवार को जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी. और अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला ने खुद गांवों में पहुंचकर जमीनी हकीकत जानी। अधिकारियों ने न केवल निरीक्षण किया, बल्कि खुद हैंडपंप चलाकर पानी की उपलब्धता और गुणवत्ता की जांच भी की।
राज्य सरकार के निर्देशों के तहत चलाए गए इस विशेष अभियान में जिले की सभी पंचायत समितियों में एक साथ फील्ड निरीक्षण किया गया। उपखंड अधिकारियों, विकास अधिकारियों और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की टीमों ने गांव-गांव जाकर हैंडपंपों की स्थिति का आकलन किया। इस दौरान कुल 117 हैंडपंपों की जांच हुई, जिनमें से 7 खराब पाए गए, जिन्हें तुरंत ठीक करवा दिया गया।
कलेक्टर ने गिंगला क्षेत्र के नट घाटी में हैंडपंप का निरीक्षण कर मौके पर ही पानी के नमूनों की जांच करवाई। वहीं अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने जयसमंद क्षेत्र के वीरपुरा पंचायत में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने पैदल भ्रमण कर ग्रामीणों से सीधा संवाद भी किया और उनकी समस्याएं सुनीं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि खराब हैंडपंपों की तुरंत मरम्मत सुनिश्चित की जाए और जरूरत पड़ने पर टैंकरों के जरिए पानी की आपूर्ति की जाए। साथ ही जल जीवन मिशन के तहत नल कनेक्शनों को लगातार चालू रखने पर भी जोर दिया गया।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि गर्मी के मौसम में पेयजल व्यवस्था प्रशासन की पहली प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जल भंडारण और वितरण प्रणाली को मजबूत रखने के निर्देश देते हुए पशुधन के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
अभियान के दौरान ग्रामीणों से मिले फीडबैक के आधार पर अधिकारियों को मौके पर ही समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि आमजन और पशुधन दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पेयजल आपूर्ति में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।

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