सलूम्बर। बालश्रम जैसी सामाजिक बुराई के उन्मूलन के लिए समाज, प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा। बच्चों का बचपन सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह बात पुलिस अधीक्षक विशनाराम बिश्नोई ने विश्व बालश्रम निषेध दिवस पर पुलिस लाइन में आयोजित कार्यशाला में कही।
जिला पुलिस प्रशासन, गायत्री सेवा संस्थान और अजमी प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बिश्नोई ने कहा कि बच्चों से जबरन मजदूरी करवाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बालश्रम मुक्त समाज के निर्माण के लिए जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति उदयपुर की कार्यकारी अध्यक्ष यशोदा पनिया ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और संरक्षण का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने बाल अधिकारों की रक्षा के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक बताते हुए बालश्रम के खिलाफ व्यापक जनजागरण की जरूरत बताई।
गायत्री सेवा संस्थान की परियोजना अधिकारी पायल कनेरिया ने बाल संरक्षण के क्षेत्र में संस्थान की गतिविधियों की जानकारी देते हुए जून माह में पुलिस विभाग के उमंग-7 अभियान के साथ विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाने की जानकारी दी।
कार्यशाला में बाल श्रम निषेध कानून, बाल संरक्षण व्यवस्था और बच्चों के अधिकारों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अंत में सभी प्रतिभागियों ने बालश्रम मुक्त समाज के निर्माण तथा बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।