सलूम्बर। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी शहरी एवं ग्रामीण सेवा शिविर योजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के जिला प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने शिविरों में प्राप्त जनसमस्याओं के निस्तारण, योजनाओं की पहुंच तथा विभागीय कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आमजन को त्वरित राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सलूम्बर जिले से जिला कलक्टर मुहम्मद जुनैद पी.पी., पुलिस अधीक्षक विशनराम विश्नोई सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी जुड़े। मुख्यमंत्री ने जिलों में संचालित शिविरों की स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि इन शिविरों का उद्देश्य आमजन को उनके घर के निकट ही सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। इसके लिए प्रत्येक आवेदन और परिवेदना का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अतिक्रमण निराकरण को सरकार की प्राथमिकताओं में बताते हुए सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। साथ ही शिविरों में किए जा रहे नवाचारों और लाभार्थियों की प्रेरणादायक कहानियों को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने की बात कही, ताकि अधिक से अधिक लोग इन शिविरों का लाभ उठा सकें।
बैठक में मुख्यमंत्री ने आगामी नीट-2026 परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, गोपनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा संचालन में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के बाद जिला कलक्टर मुहम्मद जुनैद ने जिले के अधिकारियों को मुख्यमंत्री के निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम हैं और प्रत्येक अधिकारी को संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना चाहिए।
बैठक में शिविरों की उपलब्धियों, विभागवार प्रगति, नवाचारों तथा आगामी कार्ययोजना पर भी विस्तृत चर्चा की गई।