
कार्यक्रम में ग्रामीणों, अभिभावकों और बच्चों को बाल श्रम के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए शिक्षा के महत्व पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत घाटी के उपसरपंच दौलतराम भील ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है। इससे बच्चों का शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास बाधित होता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को श्रम में लगाने के बजाय विद्यालय भेजने और उन्हें बेहतर शिक्षा दिलाने की अपील की।
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