खेरकी में फूड पॉइजनिंग के बाद प्रशासन की मुस्तैदी, 357 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच 190 घरों का सर्वे, खाद्य व पानी के नमूने जांच के लिए भेजे; अधिकांश मरीज स्वस्थ, स्थिति नियंत्रण में
सलूम्बर। सराड़ा उपखंड के खेरकी गांव में विवाह समारोह के बाद सामने आए फूड पॉइजनिंग के मामले में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे गांव में स्वास्थ्य निगरानी अभियान चलाया। चिकित्सा विभाग की 12 टीमों ने गांव के 190 घरों में पहुंचकर 357 लोगों की स्वास्थ्य जांच की। प्रशासन का कहना है कि समय पर किए गए उपचार और निगरानी के कारण हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
जानकारी के अनुसार, 24 जून को आयोजित विवाह समारोह में भोजन करने वाले कुछ लोगों की 25 जून को तबीयत बिगड़ने लगी। उल्टी-दस्त की शिकायत मिलने पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और प्रसाविकाओं, सीएचओ तथा आशा सहयोगिनियों की संयुक्त टीमों को गांव में भेजा गया। टीमों ने घर-घर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग की और जरूरतमंदों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई।
गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में अस्थायी चिकित्सा शिविर लगाकर मरीजों का उपचार किया गया। शिविर में 21 लोगों को दवाइयां देकर उपचार प्रदान किया गया, जबकि एक मरीज को बेहतर इलाज के लिए उदयपुर रेफर किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश मंडावरिया, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी तथा चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. महेंद्र डामोर ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जांच के दौरान खाद्य सामग्री के पांच तथा पेयजल के आठ नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला परीक्षण के लिए उदयपुर भेजे गए हैं।
चिकित्सा विभाग के अनुसार पहले रेफर किए गए मरीजों में से तीन स्वस्थ होकर अस्पताल से घर लौट चुके हैं, जबकि दो मरीजों का उपचार जारी है और उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। विभागीय टीम गांव में लगातार निगरानी रखे हुए है तथा किसी भी नई स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखी गई हैं।