सलूंबर। जिले के जावद कस्बे में करंट लगने से गंभीर रूप से झुलसी एक महिला की उपचार के लिए उदयपुर ले जाते समय मौत हो गई। घटना के बाद जावद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक मौजूद नहीं थे और पर्याप्त प्राथमिक उपचार के बिना महिला को रेफर कर दिया गया। वहीं, चिकित्सा विभाग ने इन आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए मामले की जांच की बात कही है।
जानकारी के अनुसार जावद निवासी 35 वर्षीय देवी बाई घर पर काम करते समय अचानक करंट की चपेट में आ गईं। परिजन और ग्रामीण उन्हें तत्काल जावद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि उस समय अस्पताल में चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे। उनका कहना है कि केवल नर्सिंग स्टाफ ने महिला को देखने के बाद उदयपुर रेफर कर दिया। गंभीर हालत में उदयपुर ले जाते समय रास्ते में ही महिला की मौत हो गई। देवी बाई के दो बच्चे थे और पति आख से अंधाहोना बताया दोनों बच्चों की मां का छाया उठा
घटना के बाद ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया। जावद सरपंच रमेश कुमार मीणा ने आरोप लगाया कि यदि अस्पताल में चिकित्सक मौजूद रहते और समय पर उपचार मिलता तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।









