सलूंबर जिले की ग्राम पंचायत बड़ौडा में वट सावित्री व्रत के अवसर पर महिलाओं की धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला सामने आया है। वट सावित्री पूजन के लिए पहुंचीं महिलाओं को इस बार झाड़ियों और कांटेदार बाड़ से घिरे वट वृक्ष के कारण पूजा-अर्चना करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। महिलाओं ने ग्राम पंचायत पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
महिलाओं का कहना है कि वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए वट वृक्ष की पूजा करती हैं। कई लोग इस व्रत की धार्मिक महत्ता की तुलना करवा चौथ से भी करते हैं।
ग्रामीण महिलाओं के अनुसार, वे पिछले कई वर्षों से ग्राम पंचायत बड़ौडा को मौखिक और लिखित रूप से आवेदन देकर वट वृक्ष के आसपास की झाड़ियां हटाने, नियमित साफ-सफाई कराने तथा वृक्ष के चारों ओर पक्का चबूतरा बनाने की मांग करती आ रही हैं। उनका आरोप है कि कई बार सूचना और प्रार्थना पत्र देने के बावजूद पंचायत ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
महिलाओं का कहना है कि इस बार भी वट वृक्ष पूरी तरह झाड़ियों से घिरा मिला, जिसके कारण उन्हें पूजा करने में कठिनाई हुई और कई महिलाओं को विधिवत पूजा किए बिना ही लौटना पड़ा। इससे महिलाओं में नाराजगी और आक्रोश है।
ग्रामीण महिलाओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वट वृक्ष के आसपास की झाड़ियों को तत्काल हटाया जाए, नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था की जाए तथा स्थायी चबूतरे का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानपूर्वक पूजा करने की सुविधा मिल सके।
अब देखने वाली बात यह होगी कि वर्षों से उठ रही इस मांग पर प्रशासन और ग्राम पंचायत कब तक कार्रवाई करते हैं।