नए कलेक्टर के सख्त निर्देश: 8 अप्रैल आज हटेगा अतिक्रमण, एक साल बाद मिलेगा जमीन का कब्जा

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सलूम्बर। खातेदारी कृषि भूमि पर अवैध अतिक्रमण के मामले में आखिरकार प्रशासन हरकत में आ गया है। न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद एक वर्ष तक कब्जा नहीं मिलने पर अब जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए 8 अप्रैल 2026 को मौके पर आज अतिक्रमण हटाकर प्रार्थी को भूमि का कब्जा दिलाने के निर्देश जारी किए हैं।
प्रकरण सलूम्बर निवासी नरेन्द्र कुमार खटीक से जुड़ा है, जिनकी मौजा बस्सी झुंझावत स्थित 0.75 हेक्टेयर खातेदारी भूमि पर अन्य लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया था। इस संबंध में प्रार्थी ने वर्ष 2024 में प्रकरण दर्ज कराया था, जिस पर न्यायालय ने 26 मार्च 2025 को प्रार्थी के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए कब्जा दिलाने के आदेश दिए थे।
हालांकि, न्यायालय के आदेश के एक वर्ष बाद भी प्रार्थी को वास्तविक कब्जा नहीं मिल पाया। ऐसे में प्रार्थी ने पुनः जिला प्रशासन के समक्ष गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर स्तर से 17 मार्च 2026 को निर्देश जारी किए गए, जिसके बाद 30 मार्च 2026 को उपखण्ड अधिकारी, सलूम्बर द्वारा एक समिति का गठन किया गया।
इसके पश्चात 7 अप्रैल 2026 को तहसीलदार, सलूम्बर ने विस्तृत आदेश जारी करते हुए राजस्व अधिकारियों की टीम गठित कर दी तथा पुलिस प्रशासन को भी आवश्यक जाब्ता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
पुलिस जाब्ते के साथ होगी कार्रवाई
तहसीलदार के आदेशानुसार 8 अप्रैल 2026 को प्रातः 11 बजे राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचेगी।
कार्रवाई के दौरान अवैध अतिक्रमण हटाकर न्यायालय के आदेश की पालना में प्रार्थी को भूमि का कब्जा दिलाया जाएगा।
कार्रवाई के लिए गठित टीम
उपखण्ड अधिकारी द्वारा गठित समिति में—
श्री मयूर शर्मा, तहसीलदार, सलूम्बर
श्री योगेश मेहता, भू-अभिलेख निरीक्षक, खेराड
श्री दिलीप मीणा, पटवारी, बस्सी झुंझावत
श्री जगदीश मेघवाल, पटवारी, खेराड
तहसीलदार द्वारा गठित राजस्व टीम में—
श्री हरिप्रकाश मीणा, नायब तहसीलदार, सलूम्बर
श्री ललित पटेल, भू-अभिलेख निरीक्षक
श्री जितेन्द्र पसावत, भू-अभिलेख निरीक्षक
श्री जगदीश मेघवाल, पटवारी, खेराड
श्री दिनेश सोमावत जोशी, पटवारी, अदकालिया
श्री दिलीप मीणा, पटवारी, बस्सी झुंझावत
पुलिस विभाग को भी निर्देश
कार्रवाई को सफल बनाने के लिए उप अधीक्षक पुलिस, सलूम्बर तथा थानाधिकारी, सलूम्बर को पर्याप्त पुलिस जाब्ता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
प्रशासन की सख्ती, लोगों में उम्मीद
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में चर्चा है कि यदि समय रहते न्यायालय के आदेश की पालना होती तो प्रार्थी को एक वर्ष तक इंतजार नहीं करना पड़ता। अब प्रशासन की सख्ती से लोगों में यह उम्मीद जगी है कि भविष्य में ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई होगी।

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