बच्चों की मौतों से प्रशासन सतर्क: पानी की सैंपलिंग, अवैध क्लिनिक बंद करने के आदेश

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सलूंबर, 8 अप्रैल। जिले के ग्रामीण इलाकों में बच्चों की अज्ञात बीमारी से हो रही मौतों ने प्रशासन को पूरी तरह सतर्क कर दिया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी. ने लसाड़िया क्षेत्र में उच्च स्तरीय बैठक लेकर स्वास्थ्य और प्रशासनिक अमले को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
बैठक में साफ कहा गया कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर बच्चे की निगरानी सुनिश्चित की जाए।
हर बच्चे की होगी निगरानी, सर्वे में तेजी
कलेक्टर ने सीएमएचओ डॉ. महेंद्र परमार को घाटा, लालपुरा सहित प्रभावित गांवों में सर्वे अभियान तेज करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक बच्चे की नियमित हेल्थ ट्रैकिंग हो, ताकि बीमारी के किसी भी संदिग्ध मामले को तुरंत चिन्हित कर उपचार शुरू किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर बच्चों की जांच, रक्त सैंपलिंग और परिवारों से जानकारी जुटा रही हैं।
पानी और स्वच्छता पर फोकस
बीमारी के कारणों की जांच के लिए पीएचईडी विभाग को जल स्रोतों की सैंपलिंग के निर्देश दिए गए हैं।
लालपुरा और घाटा में पानी की गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी गई है।
ग्राम विकास अधिकारियों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने और गांवों में स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध क्लिनिक पर सख्ती
क्षेत्र में बिना लाइसेंस चल रहे क्लिनिकों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
कलेक्टर ने ऐसे सभी अवैध क्लिनिकों को तत्काल बंद करने के आदेश दिए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित और प्रमाणित चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।
स्कूल और आंगनवाड़ी का निरीक्षण
कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी. और अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय घाटा में लगाए गए चिकित्सा शिविर का निरीक्षण किया।
यहां प्रत्येक छात्र का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और अधिकारियों ने बच्चों से संवाद कर उनकी स्थिति जानी।
इसके साथ ही मिड-डे मील योजना, पेयजल व्यवस्था, शौचालय और साफ-सफाई का भी जायजा लिया गया।
आंगनवाड़ी केंद्र में निरीक्षण के दौरान पोषण आहार की गुणवत्ता, बच्चों की उपस्थिति और सुविधाओं की समीक्षा की गई।
मेडिकल टीम गांव में तैनात
बीसीएमओ डॉ. सिंटू कुमावत के नेतृत्व में विशेष मेडिकल टीम प्रभावित गांवों में डेरा डाले हुए है।
टीम लगातार घर-घर जाकर बच्चों की जांच कर रही है और आवश्यक सैंपल एकत्रित कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
सीएमएचओ डॉ. महेंद्र परमार ने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क रहें।
बुखार, उल्टी या ऐंठन जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाएं।
साथ ही उबला हुआ पानी पीने, साफ-सफाई रखने और अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन का दावा है कि हालात नियंत्रण में लाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी लगातार जारी है।

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