सलूम्बर, 15 जून।महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य को नई दिशा देने की दृष्टि से सराडा उपखंड में उपखंड अधिकारी आकांक्षा दुबे की पहल पर तैयार किए गए अभिनव अभियान “मिशन अनामिका” का शुभारंभ जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनैद पी.पी. द्वारा किया गया।
यह अभियान सराडा ब्लॉक की 15 से 45 वर्ष आयु वर्ग की लगभग 29,894 महिलाओं एवं किशोरियों को एनीमिया मुक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य किसी भी समाज की प्रगति का आधार होता है। एनीमिया महिलाओं की कार्यक्षमता, मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य एवं सामाजिक विकास को प्रभावित करता है। उन्होंने मिशन अनामिका को जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अनुकरणीय नवाचार बताते हुए इसे जनभागीदारी से सफल बनाने का आह्वान किया।
मुख्य बिंदु और रणनीति:
डोर-टू-डोर सर्वे उपखंड अधिकारी आकांक्षा दुबे ने बताया कि आगामी 15 दिनों में ग्राम पंचायत स्तर पर डोर-टू-डोर सर्वे शुरू किया जा रहा है ताकि महिलाओं को उनके घरों पर ही हीमोग्लोबिन जांच की सुविधा मिल सके।
वर्गीकरण और उपचार:
जांच के बाद महिलाओं को हीमोग्लोबिन स्तर के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा। गंभीर एनीमिया वाली महिलाओं को तत्काल चिकित्सा परामर्श और रेफरल सुविधा दी जाएगी, जबकि मध्यम एवं हल्के एनीमिया वाली महिलाओं को उपचार, आयरन सप्लीमेंटेशन, और नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाएगा।
सतत मॉनिटरिंग
मिशन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सतत मॉनिटरिंग व्यवस्था है। प्रत्येक ग्राम पंचायत के राजस्व ग्राम वार रिपोर्ट तैयार की जाएगी और एनीमिया प्रभावित महिलाओं का पृथक डाटा संधारित किया जाएगा।
जन आंदोलन
इसे केवल स्वास्थ्य समस्या नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता से जुड़े जन आंदोलन के रूप में लिया जा रहा है। भविष्य में नारी चौपाल एवं पोषण परामर्श कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।








