सरणी के लिए उमड़ा जनसैलाब, 1000 से अधिक लोगों ने किया श्रमदान

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सलूम्बर। सरणी नदी को स्वच्छ और संरक्षित बनाने के उद्देश्य से शनिवार को आयोजित महाअभियान जनभागीदारी का अनूठा उदाहरण बन गया।
सुबह से ही नदी किनारे हजारों लोग जुटे और प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, विभिन्न विभागों तथा आमजन ने मिलकर श्रमदान करते हुए स्वच्छता का संदेश दिया। अभियान में 1200 से अधिक लोगों ने भाग लेकर नदी संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
जिला प्रशासन की ओर से नदी क्षेत्र को आठ जोन में विभाजित कर अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अधिकारियों ने स्वयं मैदान में उतरकर कर्मचारियों और नागरिकों के साथ सफाई कार्य किया।
नदी किनारे जमा प्लास्टिक, कचरा और गंदगी को हटाकर पूरे क्षेत्र को स्वच्छ बनाने का प्रयास किया गया। अभियान के दौरान जिला कलक्टर मोहम्मद जुनैद पी.पी. लगातार विभिन्न जोनों का निरीक्षण करते रहे और व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।
वहीं अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला ने समन्वय की जिम्मेदारी संभालते हुए अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महाअभियान की खास बात सामाजिक समरसता की झलक रही।
विभिन्न समुदायों के लोगों ने एक साथ श्रमदान किया। मुस्लिम समाज के लोगों ने रामबोला हनुमानजी मंदिर क्षेत्र में सफाई कर स्वच्छता और सद्भाव का संदेश दिया।
इससे अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी बन गया। अभियान के अंत में सभी जोनों से एकत्रित प्लास्टिक और कचरे को नगर परिषद की टीम ने डंपिंग यार्ड तक पहुंचाया। कार्यक्रम की ड्रोन से वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी करवाई गई।अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. सापेला ने कहा कि सरणी नदी जिले की पर्यावरणीय और सांस्कृतिक धरोहर है। इसके संरक्षण के लिए भविष्य में भी जनसहभागिता आधारित अभियान चलाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जब प्रशासन और जनता एक लक्ष्य के लिए साथ खड़े होते हैं तो असंभव दिखने वाले कार्य भी आसानी से पूरे हो जाते हैं। सरणी नदी स्वच्छता महाअभियान ने यह साबित कर दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है।
अभियान के दौरान लोगों ने नदी को भविष्य में स्वच्छ बनाए रखने का भी संकल्प लिया।

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